विलंब शुल्क मार्गदर्शिका 2026
अंतिम समीक्षा: 8 मई 2026

GSTR-3B लेट फीस
व ब्याज नियम

GSTR-3B दाखिल करने से पहले विलंब शुल्क और ब्याज के अनुमान को समझें। रिटर्न दाखिल करने की लेट फीस और कर भुगतान पर लगने वाले ब्याज के अंतर को जानकर पोर्टल गणनाओं का सही सत्यापन करें।

⚠️ सुरक्षा एवं अनुपालन सूचना:यह शैक्षणिक गणना-सहायता मार्गदर्शिका है, कानूनी या कर सलाह नहीं। सटीक लेट फीस और ब्याज राशि को हमेशा आधिकारिक जीएसटी पोर्टल पर सत्यापित करें, क्योंकि दरें और अधिकतम सीमाएँ सरकारी अधिसूचनाओं के अधीन होती हैं। TheGSTCalculator.in कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है।

GSTR-3B देर से फाइल कर रहे हैं?

अपने करदाता प्रकार के लिए मूल नियत तारीख (Due Date) की जाँच करें
नियत तारीख से देरी के कुल दिनों की सटीक गिनती करें
पहचानें कि क्या रिटर्न निल (Nil) है या कर देनदारी (Non-Nil) वाला है
फाइलिंग लेट फीस (CGST + SGST) का अनुमान लगाएं
नकद चुकाई जाने वाली कर देनदारी पर 18% वार्षिक ब्याज की गणना करें
पोर्टल द्वारा गणना की गई राशि के साथ मिलान करें

त्वरित अंतर

लेट फीस (धारा 47)

  • रिटर्न दाखिल करने में देरी के लिए लगाया जाने वाला शुल्क
  • निल रिटर्न पर भी लागू होता है (नियमों के तहत कम कैप पर)
  • पोर्टल देरी के दिनों के अनुसार स्वचालित गणना करता है
  • दैनिक दर: ₹50/दिन (टैक्स रिटर्न) या ₹20/दिन (निल रिटर्न)

ब्याज (धारा 50)

  • कर भुगतान में देरी के लिए लगाया जाने वाला प्रभार
  • केवल शुद्ध नकद कर देनदारी (Cash Liability) पर लगता है
  • वार्षिक प्रतिशत दर: 18% प्रति वर्ष (प्रति दिन 18/365%)
  • निल रिटर्न पर कोई ब्याज देय नहीं होता

GSTR-3B लेट फीस क्या है?

GSTR-3B लेट फीस वह वैधानिक शुल्क है जो नियत तारीख तक रिटर्न दाखिल न करने पर लगता है। यह नियत तारीख के अगले दिन से लेकर रिटर्न दाखिल करने की वास्तविक तारीख तक प्रत्येक दिन के लिए गिना जाता है।

दैनिक शुल्क विभाजन

सामान्य रिटर्न के लिए ₹50 प्रति दिन (₹25 CGST + ₹25 SGST) और निल रिटर्न के लिए ₹20 प्रति दिन (₹10 CGST + ₹10 SGST)।

तर्कसंगत अधिकतम सीमा (Caps)

सरकार द्वारा टर्नओवर के आधार पर कैप्स निर्धारित हैं: निल हेतु ₹500, ₹1.5 Cr तक के टर्नओवर पर ₹2,000, और ₹1.5 से ₹5 Cr पर ₹5,000।

GSTR-3B में ब्याज (धारा 50) क्या है?

जीएसटी में ब्याज नियत तारीख के बाद कर देनदारी चुकाने पर लगाया जाने वाला क्षतिपूर्ति प्रभार है। यह पैसे के समय-मूल्य (Time Value of Money) की भरपाई के लिए लिया जाता है।

मुख्य नियम: धारा 50(1) के तहत ब्याज केवल इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर के माध्यम से देय शुद्ध कर राशि (Net Cash Liability) पर 18% प्रति वर्ष की दर से लगता है। ITC से सेट-ऑफ की गई राशि पर कोई ब्याज नहीं लगता।
ब्याज कैलकुलेटर टूल खोलें →

लेट फीस बनाम ब्याज की तुलना

विशेषतालेट फीस (धारा 47)ब्याज (धारा 50)
लागू होने का कारणरिटर्न दाखिल करने में देरीकर भुगतान में देरी
गणना का आधारप्रति दिन निश्चित राशि (CGST + SGST)नकद कर राशि का प्रतिशत (18% प्रति वर्ष)
क्या टैक्स राशि पर निर्भर?नहीं (केवल निल बनाम टैक्स वर्गीकरण)हाँ (केवल शुद्ध नकद देनदारी पर)
निल रिटर्न पर प्रभावलागू होती है (अधिकतम ₹500 तक सीमित)लागू नहीं होता
पोर्टल व्यवहारअगले रिटर्न (Table 5.1) में स्वतः जुड़ती हैपोर्टल गणना या स्व-मूल्यांकन पर
भुगतान का माध्यमकेवल इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर सेकेवल इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर से
सत्यापन स्थलGSTR-3B टेबल 5.1 व फाइलिंग इतिहासGSTR-3B टेबल 5.1 व चालान सारांश
उपयोगी टूललेट फीस कैलकुलेटरब्याज कैलकुलेटर
यह जानकारी सामान्य जीएसटी फाइलिंग वर्कफ़्लो और सरकारी अधिसूचनाओं पर आधारित है।

गणना का चरणबद्ध वर्कफ़्लो

1. अवधि का चयन

सही रिटर्न अवधि चुनें और अपनी निर्धारित देय तिथि (20, 22, या 24 तारीख) की पुष्टि करें।

2. विलंब के दिन

नियत तारीख के अगले दिन से लेकर फाइलिंग की तारीख तक के कुल दिनों की संख्या गिनें।

3. रिटर्न का प्रकार

जाँचें कि क्या रिटर्न निल (शून्य बिक्री व खरीद) है या कर-देनदारी वाला है।

4. लेट फीस अनुमान

दैनिक दर (₹50 या ₹20) लागू करें और अपने टर्नओवर स्लैब के अनुसार अधिकतम कैप तक सीमित करें।

5. शुद्ध नकद देनदारी

मान्य ITC घटाने के बाद कैश लेजर से चुकाई जाने वाली कर राशि का निर्धारण करें।

6. ब्याज अनुमान

नकद देनदारी पर 18% वार्षिक दर से विलंब के दिनों के अनुसार ब्याज की गणना करें।

व्यावहारिक उदाहरण

उदाहरण 1: निल रिटर्न 10 दिन देर से दाखिल किया

परिस्थिति

एक करदाता जिसका अप्रैल माह में कोई लेन-देन नहीं था, देय तिथि के 10 दिन बाद निल GSTR-3B दाखिल करता है।

संभावित परिणाम

“लेट फीस ₹20/दिन की दर से 10 दिन = ₹200 (₹100 CGST + ₹100 SGST) होगी। चूंकि कोई टैक्स देय नहीं था, इसलिए ब्याज शून्य होगा।”

उदाहरण 2: टैक्स समय पर भरा, लेकिन रिटर्न 5 दिन देर से दाखिल किया

परिस्थिति

करदाता ने देय तिथि तक पूरा टैक्स चालान से जमा कर दिया था, लेकिन GSTR-3B रिटर्न 5 दिन बाद सबमिट किया।

संभावित परिणाम

“5 दिन की लेट फीस ₹250 (₹50/दिन) लगेगी। चूंकि टैक्स का भुगतान समय पर हो चुका था, इसलिए कोई ब्याज नहीं लगेगा।”

उदाहरण 3: ₹1,00,000 की नकद देनदारी पर 15 दिन की देरी

परिस्थिति

करदाता ने GSTR-3B समय पर तैयार किया लेकिन ₹1,00,000 की नकद देनदारी 15 दिन बाद चुकाई।

संभावित परिणाम

“₹1,00,000 पर 18% प्रति वर्ष की दर से 15 दिन का ब्याज = (1,00,000 × 18% × 15/365) = लगभग ₹740 देय होगा।”

निल बनाम कर देनदारी रिटर्न की लेट फीस

जीएसटी कानून में निल और गैर-निल रिटर्न्स के लिए लेट फीस की अधिकतम सीमाओं में स्पष्ट अंतर किया गया है। एक रिटर्न को "निल" तब माना जाता है जब उस माह कोई बाहरी आपूर्ति, कोई कर देनदारी और कोई इनपुट टैक्स क्रेडिट का क्लेम न हो।

  • निल रिटर्न सीमा: अधिकतम लेट फीस ₹500 (₹250 CGST + ₹250 SGST) तक ही सीमित है।

  • गैर-निल रिटर्न सीमा: टर्नओवर के आधार पर अधिकतम सीमा ₹2,000, ₹5,000 या ₹10,000 तक हो सकती है।

भुगतान व चालान पूर्व जाँच

कैश लेजर का उपयोग

लेट फीस और ब्याज का भुगतान केवल इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर के माध्यम से ही किया जा सकता है। GSTR-3B फाइल करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके कैश लेजर में CGST और SGST हेड में पर्याप्त बैलेंस मौजूद है।

ITC सेट-ऑफ कैलकुलेटर →

चालान स्थिति (Challan Status)

यदि कैश लेजर में बैलेंस कम है, तो सटीक राशि का पीएमटी-06 चालान जनरेट करें। जाँचें कि बैंक से किया गया भुगतान पोर्टल के इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में क्रेडिट हो चुका है या नहीं।

ब्याज कैलकुलेटर खोलें →

सामान्य गलतियाँ जिनसे बचें

1
लेट फीस और ब्याज को एक समझना

लेट फीस को प्रतिशत में या ब्याज को प्रति दिन की निश्चित दर से गिनने की गलती करना।

2
देरी के दिनों की गलत गिनती

देरी की गिनती नियत तारीख से करने के बजाय फाइलिंग की तारीख से उल्टी दिशा में करना।

3
निल कैप की अनदेखी

निल रिटर्न के लिए निर्धारित ₹500 की कम अधिकतम सीमा को भूलकर अधिक भुगतान कर देना।

4
ITC से लेट फीस चुकाने का प्रयास

इनपुट टैक्स क्रेडिट से लेट फीस या ब्याज का समायोजन करने की कोशिश करना, जो कानूनन वर्जित है।

5
अंतिम समय में चालान बनाना

अंतिम समय में चालान बनाने पर बैंक सेटलमेंट में देरी के कारण ब्याज का अतिरिक्त बोझ पड़ना।

6
पोर्टल गणना की समीक्षा न करना

पोर्टल द्वारा जोड़ी गई पुरानी लेट फीस का अपने रिकॉर्ड के साथ मिलान किए बिना सीधे रिटर्न दाखिल करना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

GSTR-3B लेट फीस और ब्याज में मुख्य अंतर क्या है?

लेट फीस (Late Fee) रिटर्न दाखिल करने में देरी के लिए एक निश्चित दैनिक शुल्क (प्रति दिन CGST + SGST) है। जबकि ब्याज (Interest) देय कर राशि (विशेष रूप से नकद देनदारी) का समय पर भुगतान न करने पर वार्षिक प्रतिशत दर (18% प्रति वर्ष) के आधार पर लगने वाला वित्तीय प्रभार है।

क्या निल (Nil) GSTR-3B फाइल करने पर भी लेट फीस लगती है?

हाँ, यदि निल रिटर्न नियत तारीख के बाद दाखिल किया जाता है, तो भी लेट फीस लागू होती है। हालांकि, सरकार ने निल रिटर्न के लिए अधिकतम लेट फीस की सीमा को ₹500 (₹250 CGST + ₹250 SGST) पर सीमित (cap) किया हुआ है।

क्या ब्याज कुल टैक्स पर लगता है या केवल नकद देनदारी पर?

जीएसटी कानून के अनुसार, समय पर रिटर्न न भरने पर ब्याज केवल इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर के माध्यम से चुकाए जाने वाले शुद्ध कर (Net Tax Liability) पर ही देय होता है, बशर्ते ITC का उपयोग नियमानुसार किया गया हो।

क्या लेट फीस या ब्याज का भुगतान ITC से किया जा सकता है?

नहीं। लेट फीस और ब्याज का भुगतान इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से नहीं किया जा सकता। इनका भुगतान केवल इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में नकद चालान जमा करके ही करना अनिवार्य है।

GSTR-3B में लेट फीस कहाँ दिखाई देती है?

पिछले महीने की फाइलिंग में हुई देरी की लेट फीस पोर्टल द्वारा स्वचालित रूप से अगले महीने के GSTR-3B की टेबल 5.1 में जोड़ दी जाती है।

सटीक अनुमान लगाना चाहते हैं?

फाइलिंग से पहले हमारे टूल्स का उपयोग करके अपनी GSTR-3B लेट फीस और ब्याज का सटीक अनुमान लगाएं।

स्रोत एवं कार्यप्रणाली

यह गाइड CGST अधिनियम की धारा 47 (लेट फीस) व धारा 50 (ब्याज) तथा सामान्य रिटर्न फाइलिंग नियमों पर आधारित है। यह अनुमान और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए बनाई गई है। वास्तविक राशियों को हमेशाजीएसटी पोर्टलऔर CBIC पर सत्यापित करें।

फाइलिंग से पहले हमारी सटीकता नीति,अस्वीकरण,जीएसटी रिटर्न के प्रकार, और GSTR-3B गलतियों से बचाव की समीक्षा करें।